Cardiology
भारत में हार्ट अटैक (Heart Attack) से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसकी एक बड़ी वजह है लक्षणों की सही पहचान न हो पाना। बहुत से लोग हार्ट अटैक के दर्द को सामान्य गैस या एसिडिटी का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से वे अस्पताल पहुंचने में देरी कर देते हैं। यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि हार्ट अटैक और गैस के दर्द में क्या अंतर होता है, कैसे दोनों की पहचान की जा सकती है, और किन स्थितियों में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत होती है।
"हार्ट अटैक में हर मिनट कीमती होता है। शुरुआती एक घंटे के भीतर इलाज मिलने पर जीवन बचने की संभावना 90% से अधिक होती है, जबकि देरी होने पर यह तेजी से घटती है। गैस का दर्द समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।"
हार्ट अटैक (Myocardial Infarction) तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों (Coronary Arteries) में अवरोध आ जाता है। यह अवरोध आमतौर पर धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमा होने (Atherosclerosis) के कारण होता है। जब रक्त प्रवाह पूरी तरह बंद हो जाता है, तो हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे मरने लगती हैं।
हार्ट अटैक के विषय में विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें हमारा लेख "हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर"।
गैस का दर्द (Gas Pain या Flatulence) पेट और आंतों में गैस बनने के कारण होता है। यह आमतौर पर हानिरहित होता है और कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाता है। गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं जैसे भारी भोजन, कुछ विशेष खाद्य पदार्थ, पाचन संबंधी समस्याएं, या तनाव।
हार्ट अटैक: इसमें आमतौर पर सीने में भारीपन, दबाव, जकड़न, या जलन महसूस होती है। कई मरीज इसे "सीने पर कोई भारी वस्तु रख दी हो" या "सीना कुचला जा रहा है" जैसा बताते हैं। दर्द तीव्र और लगातार बढ़ता रहता है।
गैस का दर्द: यह आमतौर पर ऐंठन, फुलाव, या मरोड़ जैसा महसूस होता है। यह आता-जाता रहता है और कभी-कभी डकार लेने या गैस पास होने से राहत मिलती है।
हार्ट अटैक: दर्द आमतौर पर सीने के बीच में या बाईं ओर शुरू होता है। यह बाएं कंधे, बाएं हाथ, जबड़े, गर्दन, पीठ, या पेट के ऊपरी हिस्से में फैल सकता है। कई बार दर्द केवल बाजू या जबड़े में ही महसूस होता है।
गैस का दर्द: यह पेट के ऊपरी हिस्से (Epigastric region), छाती के निचले हिस्से, या पसलियों के नीचे महसूस होता है। दर्द आमतौर पर एक जगह सीमित रहता है।
हार्ट अटैक: दर्द आमतौर पर 15-20 मिनट से अधिक समय तक रहता है और बढ़ता जाता है। यह आराम करने या दवा लेने से भी कम नहीं होता।
गैस का दर्द: यह कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रह सकता है, लेकिन गैस पास होने या डकार आने से आराम मिल जाता है।
हार्ट अटैक के साथ ये लक्षण भी हो सकते हैं:
गैस के दर्द के साथ ये लक्षण होते हैं:
हार्ट अटैक: यह किसी भी समय हो सकता है - आराम करते हुए, सोते हुए, या शारीरिक परिश्रम के दौरान। कई बार सुबह के समय हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है।
गैस का दर्द: यह अक्सर भोजन के बाद, विशेष रूप से भारी या तला हुआ भोजन खाने के बाद होता है। कुछ खाद्य पदार्थ जैसे दाल, बीन्स, गोभी, और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स गैस बढ़ा सकते हैं।
हार्ट अटैक के जोखिम कारक:
अगर आपको हाई बीपी है, तो "BP High होने पर क्या करें?" पढ़ें।
गैस के दर्द के जोखिम कारक:
हार्ट अटैक: आराम करने, गहरी सांस लेने, या एंटासिड लेने से भी दर्द कम नहीं होता। नाइट्रोग्लिसरीन (NTG) की गोली कुछ हद तक राहत दे सकती है, लेकिन दर्द पूरी तरह नहीं रुकता।
गैस का दर्द: एंटासिड, डकार लेने, गुनगुना पानी पीने, या हल्की मालिश से आराम मिल जाता है।
हार्ट अटैक हमेशा सीने में तेज दर्द के साथ नहीं आता। कई बार, विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, और मधुमेह के रोगियों में, लक्षण असामान्य होते हैं:
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर पुरुषों से अलग होते हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक के बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़ें "क्या चिंता हार्ट अटैक का कारण बन सकती है?"।
बहुत से लोग, विशेषकर मध्यम आयु वर्ग के, सीने में दर्द होने पर उसे गैस की समस्या समझकर घरेलू उपचार करते रहते हैं। इससे जो खतरे पैदा होते हैं:
अगर आपको या आपके किसी परिचित को सीने में अचानक दर्द हो, तो ये कदम उठाएं:
Sankalp Hospital में आपातकालीन विभाग में हार्ट अटैक की पहचान के लिए ये जांच की जाती हैं:
अस्पताल पहुंचने के बाद हार्ट अटैक का इलाज जितनी जल्दी शुरू हो, उतना अच्छा:
हार्ट अटैक के बाद की देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। दवाइयों, जीवनशैली में बदलाव, और नियमित जांच से दोबारा हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।
रोकथाम इलाज से हमेशा बेहतर है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कुछ जरूरी कदम:
विस्तार से जानने के लिए पढ़ें "हृदय को स्वस्थ रखने के 5 आसान उपाय"।
हां, कभी-कभी गैस का दर्द सीने में ऐसा महसूस हो सकता है जैसे हार्ट अटैक हो। इसीलिए सीने में किसी भी असामान्य दर्द को गंभीरता से लेना चाहिए।
हां, पहले हार्ट अटैक बुजुर्गों में अधिक होता था, लेकिन अब खराब जीवनशैली, तनाव, और मोटापे के कारण युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। 30-40 वर्ष के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।
हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों को रक्त नहीं मिलता, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय अचानक धड़कना बंद कर देता है। हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें "हार्ट अटैक vs कार्डियक अरेस्ट"।
नहीं, कई बार हार्ट अटैक के लक्षण असामान्य होते हैं, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों, और मधुमेह के रोगियों में। कभी-कभी केवल बाएं हाथ, जबड़े, या पीठ में दर्द होता है।
तुरंत Sankalp Hospital की 24/7 आपातकालीन सेवा को कॉल करें या नजदीकी अस्पताल पहुंचें। एस्पिरिन की एक गोली चबाकर खाएं और शांत रहें।
हां, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित जांच कराकर, और हृदय रोगों के जोखिम कारकों को नियंत्रित करके हार्ट अटैक के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अगर आप या आपका कोई परिचित सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, या हार्ट अटैक के अन्य लक्षण महसूस कर रहा है, तो तुरंत Sankalp Hospital की 24/7 आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।
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